छात्रों की उपलब्धियां
वर्ष 1970 में यह विद्यालय अपनी शोहरत के चरम पर रहा, जब यहां से पढ़ कर निकले 8 पूर्व छात्र भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में सिलेक्ट हो गए। वर्ष 1992 में यहां के छात्र पुष्पेंद्र शुक्ला प्रदेश के टॉपर रहे।

राजकीय इंटर कॉलेज चुन्नीगंज, कानपुर की शुरुआत वर्ष 1833 में हुई थी। उस समय यह विद्यालय जहां आज पीपीएन कॉलेज है वहां पर हुआ करता था। वर्ष 1910 में यह विद्यालय अपने वर्तमान स्थान पर पहुंच गया। यहां के छात्र खूब मेरिट में आते थे। यहां पढ़ना अच्छे कैरियर की गारंटी हुआ करता था। मोतीलाल नेहरू ने भी इसी विद्यालय में शिक्षा हासिल की थी।
राजकीय इंटर कॉलेज चुन्नीगंज, कानपुर के मुख्य भवन की पुरानी इमारत शहर में खास पहचान रखती थी। इसका वास्तुशिल्प अनोखा था। पहले इस इमारत पर कॉलेज का नाम लिखा था "पंडित बृजभूषण अवस्थी राजकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय"।
वर्ष 1970 में यह विद्यालय अपनी शोहरत के चरम पर रहा, जब यहां से पढ़ कर निकले 8 पूर्व छात्र भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में सिलेक्ट हो गए। वर्ष 1992 में यहां के छात्र पुष्पेंद्र शुक्ला प्रदेश के टॉपर रहे।